Signs of recovery of the global economy

Friday 24th September, 2021

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...... मुंबई, एजेंसियां. वैश्विक अर्थव्यवस्था के कोरोना वायरस से फैली महामारी के असर से उबरने के संकेत मिल रहे हैं. यह बात रिजर्व बैंक के गवर्नर शक्तिकांत दास ने एआईएमए .. नेशनल मैनेजमेंट कनबवेंशन में कही है. उन्होंने कोविड19 को युगांतकारी घटना बताया और कहा कि इससे जानो-माल का बहुत नुकसान हुआ है. उनके मुताबिक, इससे पहले इतने बड़े झटके बहुत कम लगे हैं. दास ने कहा कि वैश्विक अर्थव्यवस्था पर कभी न मिटने वाले निशान बन सकते हैं. इससे गरीब और कमजोर तबके के लोगों पर ज्यादा वैश्विक अर्थव्यवस्था तेजी से बदली वित्त व्यवस्था के उबरने के संकेत गहरा असर हुआ है. उनके मुताबिक अर्थव्यवस्था की जरूरतें पूरी करने के लिए वित्तीय व्यवस्था में काफी तेजी से बदलाव हुआ है. उन्होंने कहा कि अलग-अलग सेक्टर में रिकवरी की दर अलग-अलग रही है. रिजर्व बैंक के गवर्नर ने प्रोडक्शन लिंक्ड इन्सेंटिव ( पीएलआई ) स्कीम को मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर को बढ़ावा देने के लिए शुरू की गई अहम पहल बताया है. दास ने कहा कि पीएलआई से जिन सेक्टरों और कंपनियों को फायदा हो रहा है, उन्हें अपनी क्षमता को बेहतर बनाने की जरूरत है. उन्होंने कोविड के बाद वाली स्थिति में जरूरत के हिसाब से बदलने और झटके सह सकने वाला फाइनेंशियल सिस्टम मजबूत अर्थव्यवस्था की नींव होता है. अर्थव्यवस्था की बढ़ती जरूरतों को सपोर्ट देने के लिए देश की वित्तीय व्यवस्था में बड़ा बदलाव आया है. इकोनॉमी को लोग आमतौर पर बैंकों से मिलता है लेकिन हालिया ट्रेंड नॉल बैंकिंग फाइनेंस बढ़ने का संकेत दे रहा है. एमएफ और एनबीएफसी का लोन बढ़ रहा है और कारपोरेट बॉन्ड जैसे मार्केट इंस्ट्रमेंट के जरिए इन्वेस्टमेंट बढ़ रहा है. शक्तिकांत दास, 8४ गवर्नर बेहतर प्रौद्योगिकी की जरूरत होने पर जोर दिया है.