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Signs of exit from the Kovid effect of the whole world economy

Thursday 23rd September, 2021

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महामारी ने गरीबों को अधिक प्रभावित किया: आरबीआई गर्वनर पूरी दुनिया की इकोनोमी के कोविड इफेक्ट से बाहर निकलने का संकेत आरबीआई के गवर्नर शक्तिकांत दास ने बुधवार को कहा कि, दुनिया की प्रमुख अर्थव्यवस्थाएं कोरोनावायरस (कोविड -19) महामारी के प्रभाव से उबरने के शुरुआती... है, ....1 1 है... है... | दहन संकेत दे रही है महामारी ने वैशिवक ऊर्थव्यवस्था में संरचनात्मक परिवर्तन किए और गरीबों को अधिक प्रभावित किया है एजेंसी 9१| नई दिल्‍ली कोविड -19 हमारे युग में एक निर्णायक घटना साबित हुई है इसने हमारी जिंदगी और रोजगार में काफी ज्यादा नुकसान पहुंचाया है इस तरह के नुकसान काफी कम ही देखने को मिलते हैं शक्तिकांत दास ने ऑल इंडिया मैनेजमेंट एसोसिएशन के एक सेशन बियॉन्ड रिकवरी: न्यू रूल ऑफ द गेम को संबोधित करते हुए यह बयान दिया दास ने कहा, कोरोना महामारी ने विश्व अर्थव्यवस्था को काफी ज्यादा प्रभावित किया है और इसका सबसे ज्यादा असर गरीब लोगों पर देखने को मिला है भारत में भी कोविड -19 ने अर्थव्यवस्था के कई गतिशील क्षेत्रों को प्रभावित किया है और उन्हें नई डिजिटल तकनीकों को अपनाने के लिए प्रेरित किया है कोविड महामारी ने फिनटेक, एडटेक और हेलथटेक जैसी प्रौद्योगिकी-संचालित कंपनियों को एक नया प्रोत्साहन प्रदान किया है, जो आने वाले वर्षों में धन गतिविधि में वृद्धि देखने की संभावना है साथ ही, भारतीय वित्तीय तकनीकों को अपनाने के लिए प्रेरित किया है न. आने वाले वर्षों में धन गतिविधि में वृद्धि देखने की संभावना न. महामारी ने नई प्रणाली अर्थव्यवस्था की जरूरतों को पूरा करने के लिए तेजी से बदली है, विभिन्न क्षेत्रों में वसूली असमान रही है पीएलआई से लाभान्वित होंगे उद्योग शक्तिकांत दास ने कहा, मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर को बढ़ावा देने के लिए प्रोडक्शन लिंक्ड इंसेंटिव योजना एक महत्वपूर्ण पहल है यह आवश्यक है कि पीएलआई से लाभान्वित होले वाले क्षेत्र और कंपनियां इस अवसर का उपयोग दक्षता में और सुधार करने के लिए करें दास ने कहा कि वैश्विक सुधार देशों और क्षेत्रों में असमान रहा है एशियाई विकास बैंक मे भारत की एशियाई विकास बैंक ने भारत में कोविड19 महामारी की दूसरी लहर से हुए नुकसान के चलते चालू वित्त वर्ष के लिए देश के ऊर्थिक विकास दर का ऊलुमान घटाकर 10 फीसदी कर दिया. इससे पहले, जिसके पहले, एशियाई विकास बैंक ने जीडीपी ग्रोथ 1 फीसदी रहने का अनुमान लगाया था. एशियाई विकास बैंक ने बुधवार को अपने लेटेस्ट इकोनॉमिक आउटलुक में कहा कि वित्त वर्ष 2021 (मार्च 2022 में समाप्त) के लिए भारत के ग्रोथ आउटलुक संशोधित किया गया है. इस साल मई में कोविड-19 संक्रमण कै मामलों में बढ़ोतरी के कारण ऐसा किया ठया. एडीबी ने कहा कि हालांकि संक्रमण अनुमान के मुकाबले अधिक तेजी से काबू में आ गया, जिसके चलते कई राज्यों ने लॉकडाउन में ढील दी और हालात तेजी से सामान्य हुए. अगली तिनाहियों में ग्रोथ बढ़ने का अनुमान विकास आउटलुक अपडेट 2021 में कहा गया हैं, "वित्त वर्ष 2021 की शेष तीन तिमाहियों में अर्थव्यवस्था में तेजी की उम्मीद है और इसके पूरे वित्त वर्ष में 10 फीसदी की दर से बढ़ने की उम्मीद है, जबकि वित्त वर्ष 2022 में यह दर 7.5 फीसदी रह सकती है."'इससे पहले अप्रैल में एडीबी ने चालू वित्त वर्ष के दौरान 11 फीसदी की दर से ग्रोथ का अनुमान जताया था. सरकारी खर्च, एक्सपोर्ट का अहम रोल भारत के बारे में रिपोर्ट का कहना है कि भारतीय इकोनोंगी में कंजम्प्शन धीरे-धीरे बढ़ेगा. सरकारी खर्च और एक्सपोर्ट वित्त वर्ष 202 में ग्रोथ को सपोर्ट करेंगे